हिमा दास का जीवन परिचय

हिमा दास का जीवन परिचय

     भारतीय रेसर हिमा दास ने फिनलैंड देश की धरती पर नया इतिहास रच दिया है और ये हमारे देश की पहली ऐसी महिला बन गई हैं, जिन्होंने आईएएएफ विश्व अंडर-20 एथलेटिक्स चैंपियनशिप की 400 मीटर दौड़ को प्रथम स्थान पर आकर खत्म किया है. असम राज्य के किसान परिवार से आने वाली हिमा ने साल 2017 में अपने कोच से दौड़ने की ट्रेनिंग लेना स्टार्ट किया था और बेहद ही कम समय में इन्होंने रेस में महारत हासिल कर ली.
       
      हिमा दास का जन्म-
                                    हिमा दास का जन्म भारत के असम राज्य के ढिंग गांव में हुआ है.
    

   हिमा दास का परिवार और शिक्षा -
                        इनके माता पिता का नाम जोमाली और रोनजीत दास है.
  • इनके पिता अपने राज्य में चावल की खेती किया करते हैं, जबकि इनकी मां घर को संभालती हैं. 18 वर्षीय हिमा के परिवार में इनके माता पिता के अलावा इनके पांच भाई और बहन हैं और ये अपने माता पिता की सबसे छोटी बेटी  हैं.
    हिमा दास का सफर-
                     हिमा को एक रेसर बनने की सलाह सबसे पहले जवाहर नवोदय विद्यालय के फिजिकल एजुकेशन के टीचर द्वारा दी गई थी.
                हिमा दास का बचपन से ही स्पोर्ट की ओर झुकाव था और ये बचपन से ही कई तरह के स्पोर्ट खेला करती थी.
                 हिमा अपने स्कूल के दिनों में लड़कों के साथ मिलकर फुटबॉल खेला करती थी और इसी दौरान ही इनका स्टैमिना काफी बढ़ गया था. 
  • रनिंग ट्रैक की सुविधा मौजूद नहीं होने के चलते हिमा ने अपने करियर के शुरुआती दिनों में रेसिंग की प्रक्टिस मिट्टी के फुटबॉल मैदान में की थी.
                  
हिमा दास का इंटरनेशनल करियर 
  • हिमा ने बैंकॉक देश में हुई एशियाई यूथ चैंपियनशिप की 200 मीटर रेस में भाग लिया था और इस रेस को सातवें स्थान पर खत्म किया था.
  • 18 वर्ष की हिमा दास ने हाल ही में ऑस्ट्रेलिया में हुए कॉमनवेल्थ गेम्स में भी भारत की और से हिस्सा लिया था. हालांकि वो इस गेम्स में ज्यादा अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाई थी और 400 मीटर के फाइनल में छठे स्थान पर रहीं थी.
  • कॉमनवेल्थ गेम्स के बाद हिमा ने वर्ल्ड एथलेटिक्स चैंपियनशिप ट्रैक कॉम्पिटिशन में हिस्सा लिया था और कॉम्पिटिशन को जीत भी लिया था.
हिमा दास ने 1 महीने में 5 गोल्ड मैडल जीत कर इतिहास रच दिया
हिमा दास ने नॉवे मेस्टो सीजेच रिपब्लिक में 400 मीटर की दौड़ में स्वर्ण-पदक हासिल करके देश का नाम रोशन किया हैं. इस दौड़ प्रतियोगिता में उन्होंने 52.09 सेकंड लिए थे हालाँकि ये स्पीड उनके अब तक के बेस्ट स्पीड से कम हैं. 
          2 जुलाई 2019 से लेकर 22 जुलाई 2019 तक हिमा यूरोप में होने वाली विविध प्रतियोगिताओं में 5 बार स्वर्ण पदक हासिल करके देश को गौरवान्वित कर चुकी हैं.
  • जुलाई में पहली बार हिमा ने 2 जुलाई को 200 मीटर की रेस 23.65 सेकंड में पूरी की थी और पोलैंड में पोजनान एथेलेटिक्स ग्रैंड प्रिक्स में स्वर्ण पदक हासिल किया था.
  • इसके बाद दूसरी बार 8 जुलाई को उन्होंने पोलैंड में ही कुट्नो एथेलेटिक्स मीट में 200 मीटर की रेस को 23.97 सेकंड में पूरा करके स्वर्ण पदक हासिल किया था,
  • फिर तीसरी बार 13 जुलाई को उन्होंने क्जेच रिपब्लिक में क्लाद्नो एथेलेटिक्स मीट में 23.43 सेकंड के साथ 200 मीटर की रेस में स्वर्ण पदक 
  •         चौथी बार 17 जुलाई को टाबोर एथेलेटिक मीट में 200 मीटर में स्वर्ण पदक जीता , इस तरह ये उनका महीने में पांचवा स्वर्ण पदक हैं.
अप्रैल में हुए एशियन एथेलेटिक्स चैंपियनशिप के बाद हिमा का ये बेहतरीन प्रदर्शन हैं, जिसमें हिमा 400 मीटर की रेस पूरी नहीं कर पायी थी,उसके बाद उन्होंने 400 मीटर की रेस में अब ही भाग लिया हैं.
प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और हिमा दास
               हिमा दास के गोल्ड जीतने के बाद प्रधानमंत्री  नरेन्द्र मोदी और कई राजनेताओं ने बधाई दी. 
हिमा की कमजोर इंग्लिश के चलते भारतीय एथलेटिक्स संघ द्वारा एक ट्वीट कर उनका मजाक बनाया फाइनल जीतने के बाद भारतीय एथलेटिक्स संघ ने अपने ट्वीट को लेकर इनसे क्षमा मांगी.

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