मॉब लिंचिंग
आज इस तरह के मारपीट के सभी मुद्दों पर सबसे ज्यादा मदद अगर किसी चीज से मिलती है, तो वो है सोशल मीडिया। आज सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम है जिसकी मदद से चंद दिनों और घंटों में ही लोगों को एक जगह पर इक्कठा किया जा सकता है।
मॉब लिंचिंग मामला
मॉब लिंचिंग की भीड़ कई लोगों को मौत के घाट उतार चुकी है।कभी गौरक्षा के नाम पर, तो कभी छेड़छाड… कभी चोरी, तो कभी धर्म के नाम पर…
यह एक मनौविज्ञान घटना है, जिसके लिए पहले लोगों को किसी विषय पर भड़काया और उकसाया जाता है और फिर गुस्से का इस्तेमाल किया जाता है।
झारखंड़ में मॉब लिंचिंग में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी। यहां लोगों ने गौरक्षा के नाम पर व्यक्ति को पीट-पीट कर मौत के घाट उतार दिया।
असम के दो लोगों की मौत। इसमें भीड़ का कहना था कि दोनों युवक चोर है जबकि दोनों मछ्ली पकड़ने आये थे।
दादरी कांड , एकाएक अखलाक के घर हजार लोगों की भीड़ इक्कठा हो जाती है, और अखलाक के खुशहाल परिवार को चंद मिनटों में शक के बिनाह पर तबाह कर देती है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को भीड़ हिंसा पर फिल्मी कलाकार और बुद्धिजीवियों द्वारा लिखे गए खत को लेकर बिहार की अदालत में याचिका दायर की l
मॉब लिंचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए गोरक्षा के नाम पर हिंसा और भीड़ द्वारा हत्या की घटनाओं पर अंकुश के लिए उसके निर्देशों पर अमल किया जाए और लोगों को इस बात का एहसास होना चाहिए कि ऐसी घटनाओं पर उन्हें कानून का सामना करना पड़ेगा.
इसमें बेहद जरूरी है कि लोग जागरूक हो, वो किसी भी तरह के भड़काऊ मैसेज को आगे फॉरवर्ड ना करें। लोग धर्म के नाम पर अपनी सोच को जागरूक करे।





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